आरबीआई  ने एक बार फिर रेपो रेट को 0.50 फीसदी बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके बाद उम्मीद की जा रही है  कि सरकार की बचत योजनाओं पर 0.50 से लेकर 0.75 फीसदी तक ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। जानकारी के लिए बता दूं कि आरबीआई  ने रेपो रेट में 90 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है।

बचत योजनाओं पर बढ़ सकती हैं ब्याज दरें 

बता दें कि आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के फैसले के बाद कई बैंकों ने डिपॉजिट्स पर ब्याज दरों को बढ़ाना शुरू कर दिया है। ऐसे में यह भी उम्मीद की जा रही है कि इन बचत योजनओं की ब्याज दरें बढ़ाई जाएंगी। आरबीआई  ने इससे पहले 4 मई को रेपो रेट को बढ़ाया था। इसके बाद अब जून को रेपो रेट में कुल 90 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर 4.90 फीसदी कर दिया है।

आपको बता दें वित्त मंत्रालय हर तिमाही के शुरू होने से पहले बचत योजनाओं के ब्याज दरों की समीक्षा कर उसकी घोषणा करता है। अब ऐसे में वित्त मंत्रालय इस फाइनेंशियल ईयर के दूसरी तिमाही के इन बचत योजनाओं के ब्याज दरों की समीक्षा करेगा तो इन सेविंग स्कीमों पर मिलने वाले ब्याज दरों में इजाफा किया जा सकता है।

बचत योजनाओं पर अभी इतनी  मिलती है ब्याज दर:

मौजूदा समय में पब्लिक प्रॉविडेंट फंड पर ब्याज दर 7.1 फीसदी सलाना ब्याज दर है, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) पर 6.8 फीसदी सलाना ब्याज दर है। सुकन्या समृद्धि योजना पर 7.6 फीसदी ब्याज दर है। सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम पर 7.4 फीसदी ब्याज दर है।  किसान विकास पत्र पर 6.9 फीसदी ब्याज दर है। एक वर्षीय सावधि जमा योजना पर 5.5 फीसदी की ब्याज दर है। एक से पांच साल की सावधि जमा पर 5.5-6.7 फीसदी की ब्याज दर है। 5 साल की जमा योजना पर 5.8 फीसदी ब्याज दर है।

दरों में नहीं हुआ कोई बदलाव: 

जानकारी के लिए बता दें कि 2020-21 की पहली तिमाही के बाद से छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि, वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर, 1 अप्रैल, 2022 से शुरू होकर 30 जून, 2022 को समाप्त होने वाली, चौथी तिमाही (जनवरी) के लिए लागू वर्तमान दरों से अपरिवर्तित रहेगी। दरअसल छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरें तिमाही आधार पर अधिसूचित की जाती है।